Jind Drug Cantrol का क्लर्क रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार ड्रग इंस्पेक्टर पर भी गिर सकती है गाज
Jind Drug Cantrol का क्लर्क रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार ड्रग इंस्पेक्टर पर भी गिर सकती है गाज

Satya Khabar,Karnal
Karnal ACB ने करीब पांच महीने पहले दर्ज एक मामले में जींद जिला ड्रग कंट्रोल विभाग के क्लर्क राजकुमार को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी को एसीबी ने अदालत में पेश करके जेल भेज दिया है।
करनाल एसीबी में डीएसपी शमशेर सिंह ने बताया कि इस मामले में ड्रग इंस्पेक्टर समेत अन्य लोगों की संलिप्तता की जांच की जा रही है और अगर इस मामले में कोई अन्य दोषी पाया गया तो उसकी गिरफ्तारी भी हो सकती है।
जींद के सफीदों गेट स्थित एक मेडिकल स्टोर के मालिक नमन ने ऐसी भी करनाल को दी शिकायत में कहा था कि वह दवाइयां की थोक का काम करता है और 8 मई को ड्रग निरीक्षक गीता गोयल उसकी दुकान पर आई और उसकी अनुपस्थिति में उसके ड्राइवर पवन की हाजिरी में दवाइयां के सैंपल ले लिए और कहा कि एक दवाई नकली है इसके संबंध में गीता गोयल ने थाना शहर जींद में नमन के खिलाफ एक डीडीआर दर्ज करवा दी।
इसी दिन नमन की राजकुमार से बात हुई जिसने 9 मई को नमन को अपने गांव रामराय बुला लिया। राजकुमार ने नमन को कहा कि मैडम ने इस काम के ₹200000 मांगे हैं और आप जमानत लगा लेना हम उसका विरोध नहीं करेंगे आपकी दुकान को भी खोल देंगे इस समय राजकुमार क्लर्क ने नमन से रिश्वत के ₹100000 ले लिए और कहा कि आज दिन में जमानत लगा लेना और इंस्पेक्शन और निरीक्षण रिपोर्ट ऑफिस में आकर ले लेना।
नमन ने अपनी शिकायत में कहा कि 17 में को तीन बार व्हाट्सएप के माध्यम से राजकुमार क्लर्क का फोन आया और कहा कि आपको ₹50000 मैडम गीता गोयल के नाम के और ₹50000 राजकुमार के खुद के हिस्से के कुल मिलाकर एक लाख रुपए रिश्वत के और देने पड़ेंगे यदि आप रिश्वत के यह एक लाख रुपए नहीं दोगे तो 8 मई को लिए गए सैंपल की रिपोर्ट आपके विरुद्ध बनवा देंगे जिससे आपकी दुकानदारी खराब हो जाएगी। नमन ने राजकुमार से हुई बात को रिकॉर्ड कर लिया था। इस मामले में 18 जून को एसीबी करनाल ने मामला दर्ज किया था।
एसीबी ने इसके बाद रिकॉर्डिंग को वॉइस मिलान के लिए भेजा था। एफएसएल की रिपोर्ट आने के बाद करनाल एसीबी ने जींद ड्रग्स विभाग में क्लर्क राजकुमार को गिरफ्तार कर लिया है और उसे पूछताछ के बाद जेल भेज दिया है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के डीएसपी शमशेर सिंह ने कहा कि 18 जून को मामला दर्ज कर लिया था। इसके बाद आरोपी और शिकायतकर्ता की वाइस रिकर्डिंग जांच के लिए भेजी थी। अब यह मिलान हो गई है। रिश्वत लेने और मांगने के आरोपी राजकुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसमें और कौन अधिकारी शामिल हैं, इसकी जांच भी जारी है।